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Tuesday, December 10, 2013

हैहय ध्वज - गीत

 हैहय ध्वज - गीत 




फहर - फहर फहरेपताका , लहर - लहर लहरे ।

हैहय ध्वज पूर्वक प्रतीक है।

शूरवीरता शोभनीय है।

शांति सत्यता त्याग तपस्या -

गौरव गुण गहरे ।

फहर - फहर फहरे पताका , लहर - लहर लहरे ।

गौसुत नन्दी वाहन धारे।

सर संधान दुष्ट संहारे ।

यह सिंदूरी वर्ण समन्वय -

के प्रण पर ठहरे।

फहर - फहर फहरे पताका , लहर - लहर लहरे ।

पौराणिक यह वसुन्धरा है ।

इतिहासों की परम्परा है ।

श्री सहस्त्रवाहु की संस्कृति -

की गाथा कहरे ।

फहर - फहर फहरे पताका , लहर - लहर लहरे ।

युग युगान्त तक निर्भय हो ।

द्रण संकल्पी हर हैहय हो ।

उन्न्त मस्तक स्वाभिमान से -

सदा अमर रहरे ।

फहर - फहर फहरेपताका , लहर - लहर लहरे ।


-  सुधा ताम्रकार

2 comments:

  1. This dhvaj geet is written by shri laxminarayan Hayaran Upendra Advocate

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  2. यह रचना लष्मीनारायन जी उपेंद्र जी द्वारा रचित है

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